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आधारिक
पाठयक्रम के पूर्ण होने पर, अर्थात, जनवरी माह से
भारतीय राजस्व सेवा के परिवीक्षाधिकारीे
व्यावसायिक प्रशिक्षण लेते हैं।
आयकर, सम्पत्ति कर,
दानकर, अन्य सम्बध्द सामान्य कानून, लेखाकर्म,
कार्यालय कार्यविधि (प्रशासनिक और तकनीकी) तथा खातों
का परीक्षण और अन्वेषण से संबंधित गहन सैध्दान्तिक
प्रशिक्षण दिया जाता है ।
प्रशिक्षण के दौरान,
परिविक्षाधिकारियों को कार्यक्षेत्र भ्रमण के लिये
भेजा जाता है जिससे उन्हें कई क्षेत्रों में
व्यावहारिक रूप से सम्मिलित होने के अवसर प्राप्त
होते हैं जैसे कि भारतीय संसद, बड़े-बड़े उद्योग तथा
महत्वपूर्ण विभागीय कार्यालय का समावेश है ।
इस
पाठयक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को सक्षम कर
प्रशासक बनाने के लिये आवश्यक कुशल तकनीकी ज्ञान
तथा निपुणता से सुसज्ज करना तथा उन्हें यथार्थ
सामाजिक, व्यावसायिक तथा प्रशासनिक मूल्यों को
विकसित करने की दिशा में प्रेरित करना है ।
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